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टाटा ग्रुप में बड़ा ट्विस्ट! नोएल टाटा ने उठाए सवाल; टाटा संस के चेयरमैन की दोबारा नियुक्ति पर लगी रोक

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Posted On:Monday, June 1, 2026

भारतीय कॉरपोरेट जगत के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित घरानों में से एक, टाटा ग्रुप (Tata Group) के भीतर इन दिनों एक बड़ी आंतरिक हलचल देखने को मिल रही है। यह उथल-पुथल टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा और टाटा संस के मौजूदा चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के बीच रणनीतिक मुद्दों को लेकर पैदा हुए गतिरोध के कारण है।

हाल ही में हुई टाटा संस की बोर्ड मीटिंग में कुछ ऐसे मोड़ आए हैं, जिसने ग्रुप के भविष्य और गवर्नेंस स्ट्रक्चर को लेकर कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

चंद्रशेखरन के कार्यकाल विस्तार पर रोक की वजह

26 मई को हुई विशेष बोर्ड मीटिंग के आखिर में, जब कुछ डायरेक्टर्स ने अनौपचारिक तौर पर पूछा कि क्या एन. चंद्रशेखरन को तीसरी बार चेयरमैन पद पर नियुक्त करने के प्रस्ताव पर अगली बैठक में विचार किया जा सकता है, तो नोएल टाटा ने इस पर असहमति जताई।

नोएल टाटा का साफ तौर पर मानना है कि चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति पर कोई भी औपचारिक चर्चा करना अभी बहुत जल्दबाजी होगी। उनके मुताबिक, ग्रुप के सामने अभी भी कई ऐसे बड़े और अहम मुद्दे हैं जो अनसुलझे हैं और जिन पर मैनेजमेंट की तरफ से पूरी क्लैरिटी आना बाकी है।

इन 3 बड़े मुद्दों पर मांगी गई स्पष्टता

नोएल टाटा ने ग्रुप के बेहतर गवर्नेंस और भविष्य की योजनाओं को लेकर एन. चंद्रशेखरन से मुख्य रूप से तीन विवादित और महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्पष्ट स्टैंड और फ्रेमवर्क की मांग की है:

  • टाटा संस की लिस्टिंग और पब्लिक न करने का फॉर्मूला: सबसे बड़ा विवाद टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट (सार्वजनिक) करने को लेकर है। नोएल टाटा एक ऐसा फ्रेमवर्क चाहते हैं जिससे टाटा संस को पब्लिक न करना पड़े और लिस्टिंग के इस लंबे विवादित मुद्दे पर कंपनी की औपचारिक स्थिति पूरी तरह साफ हो।

  • शापूरजी पल्लोनजी (SP) ग्रुप का एग्जिट प्लान: टाटा संस में 18 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाला एसपी ग्रुप अपना कर्ज चुकाने के लिए हिस्सेदारी बेचना चाहता है। नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन से एक ऐसा विकल्प और रोडमैप मांगा है जिससे एसपी ग्रुप को बाहर निकलने का रास्ता (Exit Option) मिल सके।

  • 5 साल का रणनीतिक रोडमैप: इसके अलावा, पूरे टाटा ग्रुप को अगले पांच वर्षों में किस दिशा में ले जाना है, इसकी सटीक और व्यावहारिक रणनीतिक योजना पेश करने को कहा गया है।

एयर इंडिया और बिगबास्केट के प्रदर्शन पर चिंता

टाटा ट्रस्ट्स, जिसके पास टाटा संस की 66 फीसदी नियंत्रण हिस्सेदारी है, ग्रुप की नई यूनिट्स के प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। इस मीटिंग में एयर इंडिया, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और टाटा डिजिटल के चीफ एग्जीक्यूटिव्स (CEOs) ने अपने-अपने बिजनेस की प्रेजेंटेशन दी।

जानकारों के मुताबिक, नोएल टाटा ने विशेष रूप से एयर इंडिया (Air India) और बिगबास्केट (BigBasket) के बिजनेस ऑपरेशन्स पर काफी डिटेल में फीडबैक दिया। उन्होंने इन दोनों बड़े ब्रांड्स में लगातार हो रहे घाटे पर गहरी चिंता व्यक्त की है और मैनेजमेंट से इसमें तत्काल सुधार करने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही है।

वास्तव में, 26 मई की यह स्पेशल बोर्ड मीटिंग खुद चंद्रशेखरन ने बुलाई थी ताकि वह नोएल टाटा द्वारा 24 फरवरी की बोर्ड मीटिंग में उठाए गए सवालों का जवाब दे सकें, जहां उनकी तीसरी बार नियुक्ति के फैसले को पहली बार टाला गया था। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों पक्षों के बीच इस गतिरोध का समाधान कैसे निकलता है


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